वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओडिशा कैबिनेट ने राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (State Council on Science and Technology) योजना को मंजूरी दे दी है। यह पांच वर्षीय योजना 2025–26 से 2029–30 तक लागू की जाएगी, जिसका अनुमानित बजट 254.85 करोड़ रुपये है। इसका लक्ष्य राज्य में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत ओडिशा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा क्रियान्वित की जाएगी। परिषद वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देने तथा शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती रही है। इस योजना के तहत 14 उप-कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य होगा—
- मेधावी छात्रों को विज्ञान में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करना।
- विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों में सहायता प्रदान करना।
-वैज्ञानिक सहयोग, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना।
- जिला विज्ञान केंद्रों, तारामंडलों (प्लैनेटेरियम), प्रदर्शनियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से विज्ञान का लोकप्रियकरण करना।
-इनोवेशन हब की स्थापना, नवाचार रोडमैप तैयार करने तथा जमीनी स्तर और युवा नवप्रवर्तकों को समर्थन देकर एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना।
यह योजना शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के एकीकरण के प्रति ओडिशा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही नागरिकों के बीच वैज्ञानिक सोच और तर्कशीलता की संस्कृति को बढ़ावा देने का भी प्रयास करती है।