ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने मंगलवार को कटक के बक्सी बाजार स्थित रिजर्व पुलिस ग्राउंड में 71वें राज्य पुलिस ड्यूटी मीट का औपचारिक उद्घाटन किया। इस प्रतियोगिता में राज्य की 39 पुलिस इकाइयों से कुल 319 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनके साथ 45 खोजी कुत्ते और उनके हैंडलर भी शामिल हैं। प्रतिभागियों में 44 इंस्पेक्टर, 52 सब-इंस्पेक्टर, 54 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 17 हवलदार और 152 कांस्टेबल शामिल हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस की मुख्य जिम्मेदारियां अपराध की रोकथाम, उचित जांच और कानून का शासन सुनिश्चित करना हैं। आधुनिक अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों की पेशेवर क्षमता, वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी कौशल में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध जैसी उभरती चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
डीजीपी ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के लागू होने के बाद वैज्ञानिक जांच तथा फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों के उचित इस्तेमाल पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने ड्यूटी मीट को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव को परखने के साथ-साथ एक-दूसरे से सीखने का बेहतरीन मंच बताया।
ओडिशा पुलिस की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मिश्रा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पुलिस बल ने संगठित अपराध, उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों के कारोबार और मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
उन्होंने पॉक्सो और अन्य संवेदनशील मामलों में त्वरित जांच और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। हालिया उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि झारसुगुड़ा में चोरी के एक मामले में महज 17 दिनों के भीतर दोषसिद्धि हुई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए झारसुगुड़ा एसपी और उनकी टीम को बधाई दी।
जारी प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन आगामी अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के लिए ओडिशा पुलिस दल में किया जाएगा। डीजीपी ने सभी प्रतिभागियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने, एक-दूसरे से सीखने और ओडिशा पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और हिंसा की रोकथाम पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है और पुलिसकर्मियों को सत्य, न्याय, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ लोगों की सेवा करते रहना चाहिए।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन क्राइम ब्रांच के आईजीपी डॉ. सार्थक षड़ंगी की प्रत्यक्ष निगरानी में किया जा रहा है। उन्होंने स्वागत भाषण दिया। क्राइम ब्रांच के डीआईजी मदकर संदीप संपत ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर राज्य के बड़ी संख्या में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।