ओडिशा सरकार ने राज्य के 14 जिलों में फैले 24 परियोजनाओं के लिए कुल 3,793.33 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों को मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी की बैठक में स्वीकृति दी गई।
सबसे प्रमुख परियोजनाओं में खुर्दा जिले में एवीपी स्टार प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जाने वाली लैब-ग्रोन डायमंड निर्माण इकाई शामिल है। इस परियोजना से लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह जिले में स्वीकृत दूसरी लैब-ग्रोन डायमंड एवं आभूषण निर्माण इकाई होगी। इससे पहले वर्ष 2023 में नुवो एओन डायमंड एंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी की 256.50 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजना नंदराज टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की अपैरल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। खुर्दा में स्थापित होने वाली इस 168.64 करोड़ रुपये की परियोजना से 10,306 रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
वहीं, शाही एक्सपोर्ट्स को संबलपुर में 45.5 करोड़ रुपये के निवेश से निटेड गारमेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करने की मंजूरी मिली है, जिससे 1,840 लोगों को रोजगार मिलेगा।
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में सीईएससी ग्रीन पावर लिमिटेड को ढेंकानाल में 683.83 करोड़ रुपये की लागत से बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजना स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है।
पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में कोरापुट में स्वस्ती प्रीमियम के 250 करोड़ रुपये के फाइव-स्टार रिसॉर्ट सहित कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इसके अलावा एसएनएम होटल्स एंड रिजॉर्ट और प्रत्यक्ष होट्ल एंड रिजॉर्ट्स की परियोजनाओं के साथ-साथ केंदुझर और मयूरभंज में इको-रिसॉर्ट्स को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
विनिर्माण क्षेत्र में जेएसडब्लू सेवरफील्ड्स स्ट्रक्चर्स जाजपुर में 215 करोड़ रुपये का स्टील फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करेगा, जबकि कोशल सिरेमिक्स झारसुगुड़ा में अपने रिफ्रैक्टरी उत्पाद संयंत्र के विस्तार पर 275.07 करोड़ रुपये निवेश करेगा।
इसके अतिरिक्त, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज़ की खुर्दा स्थित 300 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना, लिथ्रोस बैटरीज़ इंडिया की ईवी एवं बैटरी निर्माण इकाई तथा संबलपुर और बलांगीर में लॉजिस्टिक्स अवसंरचना परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।