बिहार के मुजफ्फरपुर के साहेबगंज नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी (ईओ) रंधीर लाल पर 2।75 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए शनिवार को साहेबगंज थाना पुलिस ने उनके आवास और वर्तमान पदस्थापना वाले फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय में छापेमारी की, लेकिन रंधीर लाल पहले ही फरार हो चुके थे। दोनों थानों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: छापेमारी में साहेबगंज थाना के सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार के नेतृत्व में फारबिसगंज थाना के एसआई अमित राज, उपेंद्र शर्मा, आशुतोष मिश्रा, संदीप कुमार सहित पुलिस बल शामिल रहा। पुलिस टीम शुक्रवार देर रात उनके आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले।
रंधीर लाल पर साहेबगंज नगर परिषद में पदस्थापित रहते हुए GeM पोर्टल के माध्यम से 3000 स्ट्रीट लाइट, रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, हाई मास्ट लाइटिंग टावर और CCTV कैमरों की खरीद में नियमों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितता का आरोप है। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। FIR दर्ज, इन धाराओं में केस: साहेबगंज थाना में कांड संख्या 344/2026 दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोप है कि उन्होंने विभागीय निर्देशों की अवहेलना करते हुए अनियमित तरीके से सामग्री खरीदी।
पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच चल रही है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। रंधीर लाल की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।