ओडिशा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार एक युवती को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने यह निर्देश पीड़िता के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया।
कोर्ट ने यह भी अनुमति दी है कि भ्रूण का डीएनए परीक्षण कराया जाए, ताकि उसे आरोपी के खिलाफ साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सके।
पीड़िता ने अदालत को बताया कि यह गर्भावस्था अनचाही है और दुष्कर्म की घटना का ही परिणाम है। उसने इस संबंध में पहले राउरकेला महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।
हाईकोर्ट ने पीड़िता को तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है।