झारखंड में राज्यसभा के दो सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ महागठबंधन के अंदर एकजुटता का अभाव रहा जिसका परिणाम पर्याप्त आंकड़े होने के बावजूद कांग्रेस को जीत से हाथ धोना पड़ा। हालांकि महागठबंधन के एक अन्य प्रत्याशी बैजनाथ राम चुनाव जीतने में सफल रहे। आंकड़ों के लिहाज से जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम के बारे में पहले से यह साफ हो गया था कि उनकी जीत पक्की है और उन्हें 30 वोट भी मिले। दूसरे नंबर पर मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी के बीच रहा। जिसमें परिमल नथवानी एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव जीतने में सफल रहे, जिन्हें 28 वोट मिले। परिमल नथवानी इससे पहले झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इस बार के चुनाव में महागठबंधन के पास पर्याप्त 56 विधायकों का वोट था मगर प्रणव झा महज 20 वोट पर ही सिमट गए। उन्हें महागठबंधन के राजद और माले का सहयोग नहीं मिला। इस चुनाव में तीन विधायकों का वोट अवैध करार दिए गए।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रखी थी मगर एनडीए समर्थित उम्मीदवार के आगे सब बेकार हो गया। इस चुनाव में कांग्रेस प्रभारी के। राजू स्वयं पार्टी एजेंट बने थे, जिससे कोई वोट इधर से उधर ना हो। इसके अलावा कांग्रेस सह-प्रभारी बेला प्रसाद, राज्यसभा सांसद डॉ। नासीर हुसैन, झामुमो से सुदिव्य कुमार सोनू, विनोद पांडेय, फागू बेसरा और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर, माले से हलधर महतो और गीता मंडल, राजद से भोला यादव, भाजपा से अमर बाउरी, नवीन जायसवाल, अनंत ओझा, भानु प्रताप शाही, लोजपा से वीरेंद्र प्रधान, अनिल कुमार, आजसू से हरिश, ओम वर्मा, जदयू से सागर कुमार, दुष्यंत पटेल को पार्टी एजेंट की जिम्मेदारी दी गयी थी जबकि जेएलकेएम के तरफ से कोई भी नहीं था।