श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने श्रीमंदिर की पवित्र परंपराओं और विरासत की सुरक्षा की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। प्रशासन को पांच नए ट्रेडमार्क आवेदनों को मंजूरी मिल गई है।
श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इन आवेदनों ने ट्रेडमार्क जांच की दूसरी चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब इन्हें आगामी ट्रेडमार्क जर्नल में प्रकाशन के लिए स्वीकृति मिल गई है।
जिन पांच नामों को मंजूरी मिली है, उनमें जगन्नाथ धाम, श्रीक्षेत्र, महाप्रसाद, नीलचक्र और कोइली बैकुंठ शामिल हैं।
एसजेटीए का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ और पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के श्रीमंदिर से जुड़े इन पवित्र नामों और प्रतीकों के अनधिकृत उपयोग तथा व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकना है।
मुख्य प्रशासक ने इसे श्रीमंदिर की पवित्रता, गरिमा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी श्रीमंदिर और उससे जुड़े कई धार्मिक अनुष्ठानों एवं पारंपरिक शब्दों का ट्रेडमार्क कराया जा चुका है, ताकि उनका उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्यों तक ही सीमित रहे।