बालेश्वर जिले की एक अदालत ने 2012 में दर्ज दहेज हत्या मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सोरो स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सिमुलिया निवासी संतोष बारिक और उसके माता-पिता को उसकी पत्नी स्वप्ना बारिक की मौत के मामले में दोषी ठहराया है।
मामले के रिकॉर्ड के अनुसार, संतोष ने 2010 में सोरो की रहने वाली स्वप्ना से शादी की थी। शादी के कुछ ही समय बाद संतोष और उसके माता-पिता कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
शादी के महज दो साल बाद, 2012 में स्वप्ना की मौत हो गई। इसके बाद उसके माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया।
विस्तृत सुनवाई के बाद, जिसमें 18 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और कई साक्ष्यों की समीक्षा की गई, सोरो की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मीनाक्षी दास ने आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने संतोष और उसके माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह फैसला एक ऐसे मामले में आया है, जो एक दशक से अधिक समय से अदालत में विचाराधीन था।