सिमिलिपाल वन्यजीव अभयारण्य में बाघों की गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत वन विभाग के अधिकारियों ने बाघों की निगरानी के लिए पूरे रिजर्व क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए हैं।
करीब 1,300 स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से लगभग 700 कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं, जो लगभग 2,750 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, कैमरे उन रास्तों पर लगाए जा रहे हैं जिनका उपयोग बाघ अक्सर करते हैं, ताकि सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।
एक वन अधिकारी ने बताया कि यह गणना उन घने वन क्षेत्रों में की जा रही है, जहां बाघों के पगचिह्न और उनकी आवाजाही के अन्य संकेत मिले हैं। कैमरा ट्रैप से अन्य वन्यजीवों की तस्वीरें भी कैद होंगी, जिससे अभयारण्य की जैव-विविधता को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों तक कैमरा ट्रैप लगाने का काम जारी रहेगा। एकत्र किए गए आंकड़ों से बाघों की संख्या और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी, साथ ही ओडिशा के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक सिमिलिपाल में संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।