बुकस्टॉल में तोड़फोड़ व किताबें फाड़ना भाजपा की संस्कृति नहीं

  • Oct 25, 2026
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कोलकाता,25 अक्टूबरः

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी दलों के बुकस्टॉल पर हुए हमलों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इन घटनाओं की आलोचना की थी। हालांकि भाजपा की अनुशासन समिति का कहना है कि उसकी जांच में पार्टी के किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मामले में किसी भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

इस साल दुर्गा पूजा के दौरान राज्य के कई इलाकों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समेत वामपंथी दलों के पुस्तक स्टॉल पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। किताबें फाड़ने और उन्हें सड़क पर फेंकने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। इन वीडियो में भगवा झंडे लिए कुछ युवाओं को किताबें फेंकते हुए देखा गया था। इन घटनाओं को भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी गंभीरता से लिया था।

 भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा था कि किताबें फाड़ना भाजपा की संस्कृति नहीं है। उनके मुताबिक ऐसा करने वाले लोग पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा था कि पार्टी के कुछ लोग घटनास्थल से दूर खड़े दिखाई दिए थे। उनकी भूमिका क्या थी, इसकी जांच की जाएगी।

 भाजपा की अनुशासन समिति ने मामले की जांच की। समिति के प्रमुख प्रताप बनर्जी ने कहा कि पड़ताल के दौरान ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि भाजपा का कोई कार्यकर्ता वामपंथी दलों के बुकस्टॉल में तोड़फोड़ में शामिल था। उन्होंने कहा कि यदि माकपा के स्टॉल को तोड़ते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की कोई तस्वीर या वीडियो मिलता, तो पार्टी निश्चित रूप से कार्रवाई करती। प्रताप बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रचार पाने के लिए माकपा ने खुद ही अपने बुकस्टॉल तोड़े होंगे।

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Khabar East

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