कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के ट्रॉमा केयर आईसीयू में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, आग कथित तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण सुबह करीब 2:30 बजे इमरजेंसी विभाग की पहली मंजिल पर लगी। आईसीयू में आग लगने की सूचना मिलते ही मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद फायर सेफ्टी टीम और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तीन दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया। मरीजों को तत्काल बाहर निकाला गया और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को न्यू मेडिसिन आईसीयू में स्थानांतरित किया गया।
स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी राहत कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे।
इस बीच, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एससीबी मेडिकल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में हुई इस दुखद अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया और घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर उनका उपचार जारी रखा जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
माझी ने उपचाराधीन मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें बेहतर इलाज का आश्वासन दिया तथा आईसीयू से स्थानांतरित मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ घंटे पहले एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट में कथित शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इसके चलते ट्रॉमा केयर आईसीयू, उससे सटे एक अन्य आईसीयू और वार्ड में भर्ती मरीज प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि आग लगने के बाद ट्रॉमा केयर आईसीयू की पहली मंजिल पर इलाज करा रहे 23 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। स्थानांतरण के दौरान सात गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने दूसरे आईसीयू में ले जाए जाने के बाद दम तोड़ दिया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 11 अस्पताल कर्मियों, जिनमें सुरक्षा कर्मचारी भी शामिल हैं, ने मरीजों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। बचाव कार्य के दौरान कई कर्मी धुएं और आग की चपेट में आने से घायल हुए, लेकिन अब उनकी स्थिति स्थिर है और उनका उपचार अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित वार्ड में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद मैंने पहले ही राज्य के सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपायों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वर्ष 2025–26 के बजट में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 320 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और इस पर तेजी से काम चल रहा है। आगामी वित्त वर्ष 2026–27 में इसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री माझी ने सभी विभागों के अधिकारियों को राज्य के अस्पतालों में उन्नत अग्निशमन प्रणालियां स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मैंने ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के महानिदेशक सुधांशु षडंगी को व्यक्तिगत रूप से एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने आगे कहा, “मैंने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो सरकार रिपोर्ट मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई करेगी।”