अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों के साथ होने वाली घटनाओं की सुनवाई को तेज और प्रभावी बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अबSC-ST अत्याचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए19विशेष न्यायालयों का गठन किया जाएगा। इसके लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के19नए पदों का सृजन किया गया है।इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।विशेष न्यायालयों के गठन से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
विशेष अदालतों में ऐसे मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाएगी। SC-ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है।नए न्यायालयों के गठन से जिला स्तर पर मामलों की निगरानी बेहतर होगी और पीड़ित पक्ष को राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी। बिहार सरकार ने न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और कमजोर वर्गों को कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है।अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन विशेष न्यायालयों को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य में SC-ST समुदाय से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लंबे समय से विशेष अदालतों की मांग की जा रही थी।नए न्यायालय बनने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने और मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।