दिवंगत सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) सौम्य रंजन महापात्र की पत्नी विद्या भारती पंडा ने सोमवार को पारलाखेमुंडी स्थित उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनकी जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। विद्या भारती के वकील शिशिर कुमार जेना ने यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम 31 अक्टूबर को ओडिशा हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के दो दिन बाद सामने आया है। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
यह मामला 11 जुलाई 2021 का है। उस दिन ओडिशा के गजपति जिले के पारलाखेमुंडी में एसीएफ के पद पर तैनात सौम्य रंजन महापात्र अपने सरकारी आवास पर रहस्यमय परिस्थितियों में करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे। उन्हें पहले एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए कटक स्थानांतरित किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
14 जुलाई 2021 को उनके परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उनकी पत्नी विद्या भारती पंडा, तत्कालीन गजपति मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) संग्राम बेहरा और रसोइया मन्मथ कुंभा को आरोपी बनाया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने अगस्त 2021 में इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
घटना के पांच साल से अधिक समय बाद विद्या भारती के आत्मसमर्पण से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एसीएफ की मौत की परिस्थितियों को लेकर उस समय पूरे ओडिशा में काफी ध्यान आकर्षित हुआ था।