शिक्षा में एआई एकीकरण पर एआईसीटीई व एआईसी-सोआ फाउंडेशन का सम्मेलन

  • Feb 14, 2026
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भुवनेश्वर, 14 फरवरी:

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन और एआईसीसोआ फाउंडेशन द्वारा शनिवार को यहां शिक्षा '' अनुसंधान (एसओए) विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर एक दिवसीय सम्मेलन संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह खोज करना था कि एआई को शिक्षा नीति, शिक्षण-प्रक्रिया और भविष्य के अकादमिक ढांचे में प्रभावी रूप से कैसे शामिल किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अकादमिक नेताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया और उच्च शिक्षा में एआई के अवसरों, नैतिक पहलुओं और क्रियान्वयन चुनौतियों पर चर्चा की।

 चर्चा का केंद्र यह रहा कि एआई पारंपरिक शिक्षण-अधिगम प्रणाली को किस प्रकार बदल सकता है, साथ ही इसका जिम्मेदार और सुव्यवस्थित उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोआ के कुलपति प्रदीप्त कुमार नंद ने कहा कि एआई शिक्षा प्रणाली में बड़ा परिवर्तन ला रहा है, लेकिन इसे मौजूदा ढांचों और ज्ञान प्रणालियों के साथ सोच-समझकर जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के अधिकतम लाभ के लिए नवाचार और स्थापित शैक्षणिक पद्धतियों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च के कुलपति बिभूति भूषण बिस्वाल ने पाठ्यक्रम विकास में एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

अन्य प्रमुख वक्ताओं में बंशीधर माझी (कुलपति, सी.वी. रमन ग्लोबल यूनिवर्सिटी), बिरेन मिश्रा (सीईओ, ऑर्टस इनोवेशन्स), संबित त्रिपाठी (चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, लिवलीहुड अल्टरनेटिव्स), अश्विनी के. नंदा (संस्थापक निदेशक, एआई एवं एचपीसी रिसर्च सेंटर, आईआईटी भुवनेश्वर), सतीश प्रधान (वाइस-प्रेसिडेंट एवं ब्रांच हेड, कॉग्निजेंट भुवनेश्वर) और जयंत पंडा (सीईओ, अथर्व क्लाउड प्राइवेट लिमिटेड) शामिल थे। वक्ताओं ने एआई उपयोग के सकारात्मक-नकारात्मक पहलुओं, डिजिटल साक्षरता, एआई-केंद्रित नीति ढांचे और साइबर सुरक्षा तैयारियों पर विचार साझा किए।

सोआ के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष और आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक दामोदर आचार्य तथा एआईसी-एसओए फाउंडेशन के निदेशक मानस कुमार मलिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

पद्मश्री सम्मानित न्यूरोसर्जन अशोक कुमार महापात्र, जो एसओए में हेल्थ साइंसेज़ के प्रधान सलाहकार हैं, ने स्वास्थ्य सेवा में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत ITER-एसओए की अतिरिक्त डीन (स्टूडेंट अफेयर्स) रेणु शर्मा के स्वागत भाषण से हुई और समापन स्टूडेंट वेलफेयर डीन ज्योति रंजन दास के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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