बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने दरभंगा के बहादुरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से सर्च वारंट प्राप्त कर मंगलवार अहले सुबह उनके कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी बीडीओ आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 21/26 दर्ज किया गया है। यह मामला 7 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2), 13(1)(बी) और भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। प्राथमिक साक्ष्यों के सत्यापन के बाद ही अदालत से यह सर्च वारंट जारी हुआ था। जांच के दौरान ईओयू को आनंद कुमार विभूति की वैध आय के मुकाबले काफी अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। विभाग के मुताबिक उनकी वैध कमाई से कुल 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये की आय का आकलन किया गया था। इसके विपरीत उनके पास वैध स्रोतों से करीब 121.87 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है।
विशेष अदालत का आदेश मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी शुरू की गई। ईओयू की आठ सदस्यीय टीम मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती नगर (जमकपुरी मोहल्ला) में बीडीओ के निजी आवास पर पहुंची। हालांकि, जांच टीम के पहुंचते ही बीडीओ डॉ. आनंद कुमार विभूति चकमा देकर फरार हो गए, जबकि उनकी पत्नी घर में मौजूद थीं। ईओयू की अलग-अलग टीमें आरोपी बीडीओ के पांच ठिकानों पर एक साथ छानबीन कर रही हैं। इनमें पूर्वी चंपारण के चिरैया स्थित लालबेगिया का पैतृक आवास, पटना दानापुर के साई विहार अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 305 शामिल है। इसके साथ ही दरभंगा के बहादुरपुर स्थित उनके सरकारी कार्यालय और आवास पर भी पुलिस अधिकारियों की टीमें सुराग तलाशने में जुटी हुई हैं।
इस बड़ी छापेमारी की खबर से बीडीओ के आवास के आसपास के पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया है। मामले से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि बीडीओ डॉ. आनंद कुमार विभूति अभी मात्र दो महीने पहले ही मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड से ट्रांसफर होकर दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में पदस्थापित हुए हैं।