ओडिशा सरकार ने हीटवेव और हीटस्ट्रोक की स्थिति से निपटने के लिए ऊर्जा विभाग को निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने दी।
विधायक सीतांशु शेखर महापात्र द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में मंत्री ने सदन को बताया कि 31 शहरी क्षेत्रों के लिए हीटवेव एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से 10 पहले ही पूरे हो चुके हैं। सभी 30 जिलों तथा ट्विन सिटी के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। 16वें वित्त आयोग ने हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा सूची में शामिल करने की सिफारिश भी की है।
मंत्री ने बताया कि हीटवेव से निपटने के लिए बस स्टैंड, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, हैंडपंप और ट्यूबवेल की मरम्मत व रखरखाव किया जाएगा तथा स्वास्थ्य केंद्रों में जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और ओआरएस पैकेट का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा, तेज गर्मी के समय से बचने के लिए कर्मचारियों के कार्य समय में बदलाव, श्रमिकों को ठंडा पेयजल और ओआरएस उपलब्ध कराना, पंपलेट और बैनर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाना, जिला और राज्य स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित करना तथा गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
सरकार ने हीटवेव को राज्य-विशिष्ट आपदा के रूप में चिन्हित किया है और हीटस्ट्रोक से मृत्यु होने पर राज्य आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।