ओडिशा सरकार ने राज्य के कई जिलों में हीरा, सोना और माणिक (रूबी) सहित कई उच्च-मूल्य खनिजों की मौजूदगी की पहचान की है। यह जानकारी खनन मंत्री विभूति भूषण जेना ने गुरुवार को विधानसभा में दी।
सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नुआपड़ा जिले के कलामिदादर क्षेत्र में हीरे की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक खनन की संभावनाओं का आकलन करने के लिए विस्तृत तकनीकी, आर्थिक और व्यवहार्यता अध्ययन जारी है।
राज्य में रत्न संसाधनों की संभावनाओं को बढ़ाते हुए कलाहांडी जिले के जूनागढ़ ब्लॉक अंतर्गत हिंजिलीबहाल–जिलिंगिबार क्षेत्र में माणिक (रूबी) के भंडार होने के संकेत भी मिले हैं।
रत्नों के अलावा, सर्वेक्षण में कई धात्विक और औद्योगिक खनिजों की उपस्थिति भी सामने आई है। देवगढ़ जिले के रियामाल ब्लॉक के अडास-रामपाली क्षेत्र में तांबा युक्त अयस्क के साथ ग्रेफाइट, निकेल और सोने के अंश पाए गए हैं।
मयूरभंज जिले के कुलियाना ब्लॉक के मदनसाही-कांजिया क्षेत्र में भी तांबा अयस्क के साथ सोने के भंडार होने के प्रारंभिक अनुमान मिले हैं।
इसी तरह, मंत्री ने बताया कि केंदुझर जिले के बांसपाल ब्लॉक के गोपुर-जलदिही क्षेत्र में भी सोने के खनिजीकरण के संकेत मिले हैं।
इन खोजों से ओडिशा के बढ़ते खनिज संसाधन आधार को बल मिला है। जारी अध्ययन इन भंडारों की व्यावसायिक व्यवहार्यता और भविष्य में खनन की संभावनाओं को तय करेंगे।