बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के निवासी तनवीर आलम उर्फ हैदर के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बड़ा साइबर अपराधी ठगी की रकम निकालने बाजार आ रहा है। इस पर साइबर डीएसपी अभिनव परासर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शंकर सरैया पुल के पास सादे वेश में निगरानी रखी और आरोपी हैदर को हिरासत में ले लिया। हिरासत में पूछताछ के दौरान हैदर ने कई राज उगले। वह ठगी के पैसे निकालता और कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए गिरोह के आकाओं तक पहुंचाता था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसने लाखों रुपये की ठगी में हिस्सा लिया और उसे 14 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
सबसे चौंकाने वाली बात पूछताछ में सामने आई कि हैदर का गिरोह पाकिस्तान स्थित हैकरों से जुड़ा हुआ है। ये हैकर डार्क वेब पर खाते खोलते और भारतीय एजेंटों को कमीशन पर काम देते हैं। पुलिस अब मोबाइल और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर इस कनेक्शन की पुष्टि कर रही है। हैदर का करीबी साथी झारखंड निवासी मयंक भास्कर भी गिरोह का सदस्य है। मयंक मोतिहारी के छतौनी क्षेत्र की भवानी होटल में ठहरकर ठगी करता था। हैदर उसे रहने-खाने की सुविधा मुहैया कराता था। पुलिस मयंक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
गिरोह 'क्विक लोन स्कैम', 'पीएम किसान योजना फ्रॉड' और 'ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम' जैसे तरीकों से लोगों को ठगता था। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने हैदर से एक मोबाइल फोन, कई बैंक दस्तावेज और पासबुक बरामद किए। मोबाइल जांच में "बैंक अकाउंट सोलर सिम कार्ड" नामक टेलीग्राम ग्रुप मिला, जिसमें 1000 से अधिक सदस्य हैं। यह ग्रुप साइबर ठगों का हब है जहां खाते, सिम और टूल्स की खरीद-बिक्री होती है। पुलिस अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है।