ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने कथित तौर पर 2.12 करोड़ रुपये के गोल्ड लोन फर्जीवाड़े में शामिल एक पूर्व बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 100 गोल्ड लोन खाते और नकली सोने के आभूषणों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्यव्रत भोई के रूप में हुई है। वह एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की जोडा शाखा में तत्कालीन शाखा प्रबंधक था। बैंक के बालेश्वर क्षेत्रीय प्रमुख आशुतोष सुशील कुमार पटनायक की शिकायत के आधार पर रविवार को ईओडब्लू ने उसे गिरफ्तार किया।
रिपोर्ट के अनुसार, भोई को ओडिशा प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट्स) एक्ट, 2011 के तहत बालेश्वर स्थित नामित अदालत में पेश किया जाएगा।
शिकायत के अनुसार, भोई ने बैंक के अन्य कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर जून 2023 से जून 2024 के बीच नकली या मिलावटी सोने के आभूषणों के आधार पर 100 गोल्ड लोन स्वीकृत और वितरित किए। इन सभी ऋणों की कुल राशि 2.12 करोड़ रुपये थी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन ऋणों को उचित दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी किए बिना स्वीकृत और वितरित किया गया।
100 गोल्ड लोन खातों में से 23 खाते बंद हो चुके हैं, जबकि 76 खाते अभी बकाया हैं। 18 अगस्त 2026 तक इन 76 सक्रिय खातों में बकाया कुल राशि 1.97 करोड़ रुपये थी।
जांच के दौरान ईओडब्लू ने पाया कि आरोपी ने कथित तौर पर ऋण की रकम स्वीकृत कर उसे संबंधित उधारकर्ताओं के बैंक खातों में उनकी जानकारी या सहमति के बिना जमा किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इसके बाद इन रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरकार यह पैसा भोई और उसके सहयोगियों से जुड़े बैंक खातों में पहुंचा। आरोप है कि इन लेनदेन के जरिए ऋण की रकम का गबन किया गया और वास्तविक धन के लेनदेन के स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।
ईओडब्लू मामले की जांच जारी रखे हुए है। जांच एजेंसी इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।