ओडिशा सरकार ने सभी जिला प्रशासन को जिलों, उपखंडों, तहसीलों, ब्लॉकों और शहरी निकायों के नामों की संशोधित अंग्रेजी वर्तनी को सभी सरकारी अभिलेखों और आधिकारिक संचार में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी के हस्ताक्षर से जारी पत्र में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि संशोधित वर्तनी का उपयोग सभी सरकारी दस्तावेजों, पत्राचार, अधिसूचनाओं, रिकॉर्ड, वेबसाइट, डिजिटल पोर्टल, विज्ञापनों, साइनबोर्ड और नेमप्लेट सहित हर आधिकारिक माध्यम में अनिवार्य रूप से किया जाए।
यह निर्णय 22 जून 2026 की अधिसूचना के बाद लिया गया है, जिसके तहत प्रशासनिक इकाइयों के अंग्रेजी नामों की वर्तनी को उनकी मूल ओड़िया उच्चारण के अनुरूप संशोधित किया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे केवल अंग्रेजी वर्तनी बदली गई है, नाम या प्रशासनिक दर्जे में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालय, शहरी निकाय, पंचायती राज संस्थाएं और अन्य सरकारी एजेंसियां बिना देरी संशोधित वर्तनी अपनाएं तथा 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट विभाग को भेजें।
वहीं, निजी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने साइनबोर्ड और नेमप्लेट संशोधित करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
डॉ. पाढ़ी ने कहा कि इस पहल से सरकारी रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी तथा अंग्रेजी वर्तनी को ओड़िया उच्चारण के अनुरूप बनाकर राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित किया जा सकेगा।