एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs), विशेषकर छात्रावासों और मेस में रसोई गैस की आपूर्ति की कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। सरकार की संयुक्त सचिव डॉ. सुजाता सुभदर्शिनी नायक ने बालेश्वर, भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर, जैपुर और संबलपुर के क्षेत्रीय शिक्षा निदेशकों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश राज्य संकट प्रबंधन समूह की दूसरी बैठक में हुई चर्चा और उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव के सुझावों के आधार पर जारी किया गया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों, विशेषकर छात्रावासों में एलपीजी की आपूर्ति पर करीबी निगरानी रखना आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
क्षेत्रीय शिक्षा निदेशकों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को एलपीजी की मौजूदा कमी के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया है। साथ ही, विभागीय हेल्पलाइन नंबर जारी कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संस्थान एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की तुरंत जानकारी दे सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां भी पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को बिना किसी देरी के एलपीजी के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन अपनाना होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी क्षेत्रीय निदेशकों से 30 जून 2026 तक इन निर्देशों के पालन की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है।
सरकार का उद्देश्य छात्रावासों के मेस संचालन में किसी तरह की बाधा न आने देना और एलपीजी की कमी के कारण छात्रों को होने वाली असुविधा को रोकना है।