ओडिशा सरकार ने चक्रवात अर्नब और उसके बाद आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत, पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 12,526 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस मांग में प्रारंभिक क्षति के मुआवजे के रूप में 2,526 करोड़ रुपये और शमन (Mitigation) मद के तहत 10,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। शमन मद की राशि का उपयोग सिंचाई सुविधाओं, सड़कों और नदी तटबंधों सहित स्थायी बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और उन्हें मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।
चक्रवात और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ओडिशा के दौरे पर आई आठ सदस्यीय केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम ने यहां लोक सेवा भवन में एसआरसी की ओर से आयोजित प्रारंभिक आकलन बैठक में हिस्सा लिया। मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने कृषि फसलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पाया। इनमें सड़कें, बिजली नेटवर्क, नदी तटबंध और सिंचाई नहरें शामिल हैं।
जिलाधिकारियों (कलेक्टरों) ने केंद्रीय टीम को बताया कि नुकसान का व्यापक आकलन पूरा करने के लिए कुछ और दिनों की जरूरत है। इस पर केंद्रीय टीम ने जिला प्रशासन को नुकसान का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने की सलाह दी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों से प्राप्त नुकसान के आकलन के आधार पर केंद्रीय टीम को प्रारंभिक ज्ञापन सौंपा है। इसमें कुल नुकसान का अनुमान लगभग 2,526 करोड़ रुपये लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि शमन मद के तहत अतिरिक्त 10,000 करोड़ रुपये की मांग का उद्देश्य आपदा से निपटने की दीर्घकालिक क्षमता को मजबूत करना है। इसके तहत क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और आस्का सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नदी तटबंधों का निर्माण किया जाएगा।
पाटिल ने स्पष्ट किया कि सहायता की यह मांग फिलहाल प्रारंभिक है। सभी विभागों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद इसमें संशोधन किया जाएगा।
एसआरसी ने बताया कि चक्रवात से मुख्य रूप से प्रभावित तीन जिलों में गंजाम सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी आवश्यक सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सिंचाई व्यवस्था और कुछ अन्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बहाल करने में अभी और समय लगेगा।
पाटिल ने बताया कि संबंधित विभागों से नुकसान का विस्तृत आकलन प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार अगले 10 से 12 दिनों के भीतर केंद्र को अंतिम विस्तृत ज्ञापन सौंपेगी।