कक्षा 1 से 8 तक की स्कूल पाठ्यपुस्तकों में 1,000 से अधिक त्रुटियां पाए जाने के बाद ओडिशा सरकार सभी शैक्षणिक संस्थानों में संशोधित (सुधारी गई) पाठ्यपुस्तकें वितरित करेगी। यह जानकारी सोमवार को स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने दी। पाठ्यपुस्तकों में हुई गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।
मीडिया से बातचीत में गोंड ने बताया कि जैसे ही त्रुटियों की जानकारी मिली, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोप में विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए गठित समिति की सभी 14 सिफारिशों को भी मंजूरी दे दी है। इन सिफारिशों का उद्देश्य भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकना तथा पाठ्यपुस्तकों के लेखन, संपादन और प्रकाशन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
गोंड ने बताया कि पाठ्यपुस्तकों की सभी त्रुटियों को सुधारा जा रहा है और संशोधित संस्करण राज्य के सभी स्कूलों में भेजे जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि संशोधित पुस्तकें जल्द से जल्द स्कूलों तक पहुंचाई जाएं। साथ ही शिक्षकों को भी केवल संशोधित पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कहा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि छात्र त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई करें। संशोधित प्रतियां सभी स्कूलों में वितरित की जाएंगी और जिला शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षक छात्रों को नई पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई कराएंगे।