भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के बाद ओडिशा के ‘ब्लू इकोनॉमी’ का प्रमुख केंद्र बनने की राह प्रशस्त हो गई है। इस समझौते के तहत भारतीय समुद्री उत्पादों के निर्यात पर शुल्क (टैरिफ) में कमी की गई है, जिससे अमेरिकी बाजार में ओडिशा के झींगा, मछली और अन्य समुद्री खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह समझौता ओडिशा की समुद्री खाद्य अर्थव्यवस्था को एक नई पहचान देगा और राज्य को ‘ब्लू इकोनॉमी’ का एक बड़ा केंद्र बनाएगा।
इस व्यापार समझौते से ओडिशा के समुद्री उत्पाद निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, क्योंकि अमेरिका भारतीय समुद्री खाद्य पदार्थों के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। इससे राज्य के तटीय क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है और मछुआरों तथा किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। टैरिफ में कमी से भारतीय समुद्री उत्पाद अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
मुख्यमंत्री माझी ने ट्वीट कर कहा कि “भारत और अमेरिका के बीच हुआ नया व्यापार समझौता ओडिशा की समुद्री खाद्य अर्थव्यवस्था को नई पहचान देगा। टैरिफ में कमी के कारण अमेरिकी बाजार में ओडिशा के झींगा, मछली और समुद्री खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे हमारे तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और किसानों की आय में वृद्धि होगी और ओडिशा ‘ब्लू इकोनॉमी’ का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।”