अस्पतालों से मृतकों के पार्थिव शरीर को घर तक ले जाने में परिवारों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ओडिशा सरकार जल्द ही पूरे राज्य में एक समर्पित शव वाहन (हर्स) सेवा शुरू करने जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिग ने गुरुवार को गजपति जिले में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद इस पहल की घोषणा की। शव वाहन सेवा टोल-फ्री नंबर 109 के माध्यम से उपलब्ध होगी, जिससे मृतकों के पार्थिव शरीर का समय पर और सम्मानजनक परिवहन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मंत्री के अनुसार, विशेष रूप से चिन्हित ये वाहन ओडिशा के सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों (डीएचएच) और मेडिकल कॉलेजों में तैनात किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो सकें।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़े कदम के तहत महालिग ने कहा कि राज्य की हर ग्राम पंचायत में आयु आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाना और जमीनी स्तर पर चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ करना है।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को लेकर मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्नातकोत्तर डिप्लोमा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को जिला मुख्यालय अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक डीएचएच में ऐसे पांच कर्मियों की नियुक्ति की जाए, तो डॉक्टरों की कमी को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
महालिग ने यह भी कहा कि ओडिशा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा की जा रही व्यापक कोशिशों के तहत इन सभी पहलों को जल्द ही लागू किया जाएगा।