विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की अंतिम तैयारियों के मद्देनजर श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने बुधवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के सार्वजनिक दर्शन पर रोक लगा दी है। वहीं, आज भगवान जगन्नाथ के रथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र के रथ तालध्वज और देवी सुभद्रा के रथ दर्पदलन को रथखला से श्रीमंदिर के सिंहद्वार (मुख्य द्वार) के सामने लाया जाएगा।
मंदिर की परंपरा के अनुसार सुबह भगवानों की दैनिक नीतियां, जिनमें गोपाल बल्लभ और सकाल धूप (सकाला धूप) अनुष्ठान शामिल हैं, संपन्न किए गए। इसके बाद पवित्र आज्ञामाला बीजे अनुष्ठान आयोजित होगा। इस रस्म के तहत भगवानों की अनुमति स्वरूप पवित्र माला सेवायतों द्वारा पारंपरिक शोभायात्रा के माध्यम से मंदिर से रथों तक लाई जाएगी।
आज्ञामाला बीजे की रस्म पूरी होने के बाद तीनों रथों को रथखला से खींचकर श्रीजगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के सामने स्थापित किया जाएगा।
परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ, उसके बाद देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ और अंत में भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ सिंहद्वार के सामने लाया जाएगा।
इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कल निकलने वाली भव्य श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच जाएंगी।