बिहार के 10 राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया अब आगे बढ़ गई है। इन विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर की एक-एक कुर्सी के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए करीब 600 से 800 आवेदन मिले हैं। अब आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और चयन प्रक्रिया सर्च कमेटियों के माध्यम से आगे बढ़ेगी। लोकभवन की ओर से 10 विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति के लिए पांच सर्च कमेटियों का गठन किया गया है। खास बात यह है कि इस बार प्रत्येक सर्च कमेटी के लिए राज्य सरकार की ओर से नामित सदस्य अलग-अलग होंगे। वहीं, कुलाधिपति या यूजीसी के नामित सदस्य राज्य के बाहर से होंगे। इन्हें शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों के साथ बातचीत के समय बुलाया जाएगा। लोक भवन के विश्वस्त्र सूत्रों के अनुसार इस बार आवेदन करने वाले उम्मीदवारों में आईआईटी और एनआईटी के फैकल्टी भी बड़ी संख्या में शामिल है। इस बार बड़ी संख्या में आवेदन आने के पीछे आवेदन प्रक्रिया में बदलाव को भी अहम माना जा रहा है। कुलपति नियुक्ति के लिए आवेदन केंद्रीकृत समर्थ पोर्टल के माध्यम से मंगाए गए हैं। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद योग्य अभ्यर्थियों को एक ही प्लेटफॉर्म से आवेदन करने का मौका मिला। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को व्यापक बनाने के साथ अधिक पारदर्शी तरीके से उम्मीदवारों को शामिल करना बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि बिहार में इस बार कुलपति पदों के लिए मिलने वाले आवेदनों की संख्या पिछली नियुक्ति प्रक्रिया की तुलना में काफी ज्यादा है। 2013 में 11 विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति के लिए करीब 1,200 आवेदन मिले थे। इस बार 10 विश्वविद्यालयों के लिए ही 6,000 से अधिक आवेदन मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, राज्यपाल के मुख्य सचिव दीपक कुमार के अनुसार आवेदन की संख्या और अंतिम रूप से पात्र पाए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या अलग-अलग होगी, क्योंकि पहले उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और उपलब्धियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्यपाल सचिवालय ने इस साल 20 मई को छह विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद तीन जून को चार और विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 जून निर्धारित की गई थी। अब आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च कमेटियां उम्मीदवारों की योग्यता और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्क्रीनिंग करेंगी।