ओडिशा के नवरंगपुर जिले में शराब विरोधी अभियान को तेज करते हुए करीब 300 महिलाओं ने शुक्रवार को बारिपदर गांव स्थित लंबे समय से बंद पड़ी सरकारी लाइसेंस प्राप्त देशी शराब निर्माण यूनिट पर धावा बोल दिया। इस दौरान महिलाओं ने वहां रखे उपकरणों और अन्य सामग्रियों में आग लगा दी।
यह घटना डाबुगांव ब्लॉक के डंगरीगुड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कथित तौर पर महिलाएं शराब निर्माण इकाई की सामग्रियों में आग लगाती नजर आ रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, लाठी और लोहे की छड़ें लेकर पहुंची महिलाओं ने परिसर में प्रवेश किया और वहां रखे प्लास्टिक के ड्रम तथा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों को बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया। आग में कई सामान जलकर राख हो गए।
बताया जाता है कि लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने के कारण इस शराब इकाई को अप्रैल महीने से ही बंद कर दिया गया था। घटना के समय परिसर में उपकरणों की निगरानी के लिए केवल दो से तीन कर्मचारी मौजूद थे।
कई महीनों से यूनिट बंद रहने के कारण किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। हालांकि, वहां रखे काफी मात्रा में उपकरण और अन्य सामग्रियां आग में नष्ट हो गईं।
इस बीच, जिले में महिला समूहों की अगुवाई में चल रहा शराब विरोधी आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। प्रदर्शनकारी देशी और विदेशी शराब की अवैध बिक्री तथा शराब दुकानों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर रहे हैं।
घटना को लेकर पुलिस या संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।