गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को पूरे ओडिशा में उत्सव का माहौल है। श्रद्धालुओं ने धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। मंदिरों और आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। भुवनेश्वर और कटक से लेकर पुरी, संबलपुर, तालचेर और राज्य के अन्य शहरों व कस्बों में प्रमुख चौराहों तथा सामुदायिक पूजा पंडालों में भगवान गणेश की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गईं। रंग-बिरंगी सजावट, रोशनी से जगमगाते प्रवेश द्वार और भक्तिमय संगीत ने शहरों और कस्बों में पूरे दिन उत्सव का माहौल बनाए रखा।
भुवनेश्वर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई पूजा पंडालों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया। आयोजकों ने गणेश चतुर्थी के मौके पर भव्य पंडालों के साथ आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की। बच्चों और युवाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचे और उत्सव में हिस्सा लिया।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ समारोह की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को फूल, मिठाई और फल अर्पित कर सुख-समृद्धि, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। विभिन्न स्थानों पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि से पूजा कर वैदिक मंत्रों का जाप किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कई पूजा पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जबकि विभिन्न सामुदायिक संगठनों ने स्थानीय लोगों को एकजुट करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए।
शैक्षणिक संस्थानों में भी गणेश चतुर्थी मनाई गई। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष पूजा-अर्चना तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे उत्सव में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली।
भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी पूरे ओडिशा में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के कई शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक स्तर पर गणेश पूजा और भव्य समारोह प्रमुख आकर्षण बन गए हैं।
दिन बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं का पूजा पंडालों में पहुंचना जारी रहा और पूरे ओडिशा में गणेश चतुर्थी का उत्सवी और भक्तिमय माहौल बना रहा।