ओडिशा में मतदाता सूची के सुधार और अद्यतन के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शनिवार, 30 मई से शुरू होगा। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने दी है।
इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन और अद्यतन करेंगे। लोग इस दौरान अपने वोटर पहचान पत्र में किसी भी प्रकार की त्रुटि को बीएलओ के माध्यम से ठीक करा सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान गैर-भारतीय नागरिकों के नाम सीधे मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। राज्यव्यापी इस विशेष अभियान के लिए कुल 45,255 बूथ लेवल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, बीएलओ सुबह के समय घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे, जबकि हर दिन दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की शिकायतों, सुधार और अन्य सवालों में सहायता करेंगे।
निर्वाचन आयोग ने इस अभियान के दौरान राज्य के लगभग सभी घरों तक पहुंचने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने बताया कि तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मतदाता डेटा में लगभग 17 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां पाई गई हैं। इनमें उम्र, नाम की वर्तनी और माता-पिता के नाम से जुड़ी गलतियां शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आगामी चुनावों से पहले एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने के लिए बीएलओ फील्ड सत्यापन के दौरान इन त्रुटियों को सुधारेंगे।
गोपालन ने कहा कि कल से गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित किए जाएंगे। बीएलओ 30 मई से 28 जून तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक अपने बूथों पर मौजूद रहें। मतदाता सूची का प्रारूप (Draft Roll) 5 जुलाई को प्रकाशित होगा, जबकि दावे और आपत्तियां 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दर्ज की जा सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।”