बिहार के सरकारी शिक्षक जो अपने घरों से दूर रहकर पढ़ाने को मजबूर हैं, उनको लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने साफ किया है कि हर हाल में शिक्षकों को पूरी ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाना होगा। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को रामगढ़ में कहा कि शिक्षा विभाग सरस्वती माता का मंत्रालय है, यहां लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी। शिक्षा मंत्री बनने के बाद पहली बार कैमूर पहुंचे मंत्री ने विभागीय अधिकारियों-कर्मियों को भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी दी, और बेहतर ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया।
सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, महिला शिक्षकों की पदस्थापना उनके निकटतम पंचायत में की जाएगी। पुरुष शिक्षकों की पोस्टिंग निकटतम प्रखंड में होगी। सास ससुर कैमूर में है और बहू मधेपुरा में है। जमा साहब की चिट्ठी पर चिट्ठी आ रही है कि इनलोगों को कैमूर भेज दीजिए। इसलिए मैंने ऐसा उपाय लगाया है कि किसी को कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके (शिक्षक) मोबाइल पर 25 जून के बाद एक नोटिफिकेशन जाएगा। उसमें जिला सेलेक्ट करना है, जिसके बाद शिक्षक उस जिले में ऑटोमेटिक चले आएंगे।
इस दौरान मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शौच के लिए भी स्कूल से बाहर गए तो हाजिरी से उड़ा दिए जाएंगे यानी कि अपसेंट लग जाएगा। अब एआई मॉनिटरिंग की जाएगी। स्कूल की बाउंड्री से बाहर शौच के लिए भी जाने पर आधे दिन का हाजिरी चला जाएगा। एक घंटा तक गायब रहने पर पूरे दिन की हाजिरी चली जाएगी। नौकरी को गंभीरता से करना होगा।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक अब शिक्षा विभाग के पोर्टल पर हाजिरी दर्ज कराएंगे। शिक्षकों का मूल्यांकन छात्रों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर होगा। एक पद-एक शिक्षक एक स्वीकृति पत्र पर एक ही शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।