मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की कमी को देखते हुए भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को शहर में अस्थायी रूप से चारकोल चूल्हों (पारंपरिक चूल्हों) के उपयोग की अनुमति देने की घोषणा की है।
बीएमसी की मेयर सुलोचना दास ने कहा कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है और रेस्तरां, चाय दुकानें तथा टिफिन सेवाओं जैसे छोटे व्यवसायों पर असर पड़ा है।
मेयर दास ने कहा कि इस वर्ष 5 जनवरी 2026 को हमने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हॉस्टल और ढाबों में चूल्हों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया था। लेकिन वर्तमान एलपीजी संकट को देखते हुए छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए अस्थायी रूप से इसकी अनुमति दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह छूट केवल मौजूदा संकट की अवधि तक ही लागू रहेगी। स्थिति सामान्य होने के बाद चूल्हों पर पहले से लागू प्रतिबंध फिर से प्रभावी कर दिए जाएंगे।
इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने और प्रभावित व्यवसायियों की मांगों पर विचार करने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक भी निर्धारित की गई है।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब शहर के कई भोजनालय एलपीजी की कमी के कारण अपने संचालन को जारी रखने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर स्थानीय कारोबारों पर भी पड़ सकता है।