बिहार पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने राज्य भर में सक्रिय 350 से अधिक संदिग्ध कॉन्ट्रैक्ट किलर्स का डेटाबेस तैयार कर लिया है और उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। बिहार पुलिस मुख्यालय एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक 1,716 कुख्यात और 'शीर्ष 10' अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें नकद इनाम वाले 63 अपराधी भी शामिल हैं। 27 अन्य वांछित अपराधियों को बिहार के बाहर से गिरफ्तार किया गया है।
डीआईजी ने कहा कि, एसटीएफ आपराधिक नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें निशाना बनाने के लिए संगठित अपराध का जिलावार डेटाबेस बनाए रख रही है। अधिकारियों ने कथित भूमि माफियाओं की पहचान कर ली है और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के संदिग्धों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संभावित कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को प्रस्ताव भेज रहे हैं।
संजय कुमार सिंह ने बताया कि, एसटीएफ ने बैंक, आभूषण और सोने की लूट में कथित रूप से शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस साल अब तक पुलिस ने लगभग 10 किलो लूटा हुआ सोना, 50 किलो चांदी और 11.97 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पुलिस ने बिहार के बाहर भी कई डकैती के मामले सुलझाए हैं, जिनमें मैसूरु में एक आभूषण की दुकान में हुई डकैती, दाउदनगर थाना क्षेत्र से जुड़ी एक डकैती और क्योंझर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एक शाखा में हुई डकैती शामिल हैं। पुलिस ने इन मामलों में 113 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसी दौरान एसटीएफ ने इस साल 33 अवैध मिनी-गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इन अभियानों के दौरान पुलिस ने एक एके-47, दो इंसास राइफलें, 398 देसी हथियार और लगभग 1,300 राउंड गोला-बारूद बरामद किया।