बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही ओडिशा सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में वरिष्ठ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तैनात किया है। ये अधिकारी बाढ़ के बाद की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने के साथ-साथ बीमारियों के संभावित प्रकोप को रोकने के लिए एहतियाती उपायों को तेज करेंगे। अधिकारी शनिवार को अपने-अपने निर्धारित जिलों के लिए रवाना हुए और मौके पर स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी। वे जिला प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय कर उभरते स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन करेंगे और समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। सरकार की विशेष सचिव डॉ. बिजय मिश्रा को बालेश्वर, डीपीएच डॉ. रवींद्र मिश्रा को भद्रक, डीएफडब्ल्यू डॉ. राजेंद्र पाणिग्राही को केंदुझर और डीएचएस डॉ. एमएम पंडा को जाजपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि लंबे समय तक बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में महामारी या बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर एहतियाती कदम उठा रहा है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद लंबे समय तक जलमग्न रहे गांवों की साफ-सफाई और कीटाणुशोधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रभावित गांवों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई एवं सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा।
विभाग का मुख्य ध्यान जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने पर रहेगा।
अधिकारी पेयजल स्रोतों की सफाई और कीटाणुशोधन की भी निगरानी करेंगे। साथ ही बाढ़ के बाद बचे सड़े-गले खाद्य पदार्थों, पशुओं के शवों और अन्य सड़ने वाली सामग्री को तत्काल हटाना सुनिश्चित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का शुरुआती स्तर पर पता लगाने और उनका तत्काल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।