ओडिशा ने जारी की सीएम-किसान योजना की पांचवीं किस्त

  • Sep 04, 2026
Khabar East:CM-Majhi-Transfers-Over-Rs-833-Cr-To-4150-Lakh-Farmers-Under-CM-KISAN
भुवनेश्वर,04 सितंबरः

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री-किसान योजना की पांचवीं किस्त के तहत 41.49 लाख से ज़्यादा किसानों और भूमिहीन कृषि परिवारों के बैंक खातों में सीधे 833 करोड़ रुपये से ज़्यादा ट्रांसफर किए।

यहां ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (ओयूएटी) में आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के ज़रिए दी गई इस सहायता में 41,35,978 छोटे और सीमांत किसान तथा 13,949 भूमिहीन कृषि परिवार शामिल थे।

उम्मीद है कि इस आर्थिक सहायता से लाभार्थियों को 2026-27 रबी फसल सीज़न से पहले बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माझी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और भूमिहीन परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और किसान समुदाय की समृद्धि ओडिशा के विकास के लिए अहम है।

उन्होंने कहा कि सीएम-किसान योजना का मकसद न केवल आर्थिक सहायता देना है, बल्कि किसानों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और खेती करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए सहायक आजीविका और तकनीकी शिक्षा में मदद करना भी है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि चल रहे 2026-27 खरीफ सीज़न के लिए धान के रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा 7 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मयूरभंज, केंदुझर, बालेश्वर, भद्रक, केंद्रापड़ा और सुंदरगढ़ में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित किसानों को 1,000 करोड़ रुपये का सहायता पैकेज दिया जाएगा।

 उन्होंने कहा कि मुआवज़ा राजस्व और कृषि विभागों के फील्ड-लेवल अधिकारियों द्वारा तैयार नुकसान के आकलन की रिपोर्ट के आधार पर दिया जाएगा।

 किसानों की आय बढ़ाने के सरकार के प्रयासों पर ज़ोर देते हुए माझी ने कहा कि 'समृद्ध कृषक योजना' के तहत धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसमें केंद्र का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य की इनपुट सहायता शामिल है। उन्होंने कहा कि खरीद के 48 घंटों के भीतर किसानों के खातों में भुगतान जमा किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 'कृषि विद्यानिधि योजना' के तहत, 2025-26 एकेडमिक ईयर में किसान परिवारों के 68,910 बच्चों को हायर टेक्निकल एजुकेशन के लिए 291.60 करोड़ रुपये से ज़्यादा की स्कॉलरशिप दी गई।

माझी ने कहा कि ओडिशा में लगभग 92 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं और उनसे अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ओडिशा में इस साल अनाज, फलों और सब्ज़ियों का अच्छा उत्पादन हुआ है और बताया कि राज्य में पैदा होने वाली कपास को देश की मान्यता प्राप्त 'कस्तूरी कॉटन' कैटेगरी में जगह मिली है।

 पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए माझी ने कहा कि 2022 में ओडिशा में एक किसान परिवार की मासिक आय सिर्फ़ 5,112 रुपये थी, जो उस समय देश में दूसरी सबसे कम आय थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने किसान परिवारों की सालाना आय को कम से कम दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

 वहीं, उप-मुख्यमंत्री और कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने बताया कि मंत्रियों और अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और ज़मीनी स्तर पर स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि मदद की प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और किसी भी पात्र लाभार्थी को इससे वंचित नहीं रखा जाएगा।

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