वंदे भारत एक्सप्रेस में एक यात्री के छोड़े हुए बैग से भारी मात्रा में गांजा मिलने के बाद सवाल उठ रहे हैं। पुरी-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन से कुल 42.7 किलो गांजा जब्त किया गया। रेलवे पुलिस की ओर से इस तस्करी की खेप के सोर्स का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। सुबह में ट्रेन हावड़ा पहुंचने के बाद संतरागाछी वॉशिंग लाइन के सफाई कर्मचारियों को चार बैग में यह बड़ी खेप मिली। इस घटना के सिलसिले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हावड़ा स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन को रेगुलर मेंटेनेंस के लिए संतरागाछी वॉशिंग लाइन ले जाया गया। जब सफाई चल रही थी तो स्टाफ ने चार लावारिस बैग देखे। उन्हें शक तब हुआ जब कोई भी बैग लेने आगे नहीं आया। शालीमार जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) को बताया गया। इसके बाद रेलवे पुलिस के लोगों ने बैग की जांच की और अंदर गांजा मिला। चार बैग में मिली भारी मात्रा में मादक पदार्थों को देखते हुए जांच करने वाले इसे सिर्फ एक यात्री के अपना सामान छोड़ने का मामला नहीं मान रहे हैं। इसके बजाय वे जांच कर रहे हैं कि क्या वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड, लंबी दूरी की ट्रेन का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के लिए जानबूझकर किया गया था।
बैग के मालिक का पता अभी नहीं चल पाया है, इसलिए अब रेलवे पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल है। क्या वंदे भारत का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के नए रूट के तौर पर किया जा रहा था? इसका जवाब ढूंढने के लिए आरपीएफ और जीआरपी अभी जांच कर रहे हैं।