ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को पूर्ववर्ती बीजेडी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो महत्वपूर्ण जांच आयोगों की रिपोर्ट गायब होने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुजारी ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यभार संभालने के बाद जब विभिन्न जांच आयोगों की रिपोर्टों की समीक्षा की गई, तब रिकॉर्ड से दो अहम दस्तावेज गायब पाए गए। इनमें वर्ष 2008 में जलेश्वरपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके शिष्यों की हत्या की जांच से जुड़ी न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की रिपोर्ट तथा वर्ष 2016 के सएम अस्पताल अग्निकांड की जांच से संबंधित आरडीसी (राजस्व मंडल आयुक्त) जांच रिपोर्ट शामिल हैं।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इन फाइलों का पता लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन जांच में यह सामने आया कि ये दस्तावेज मुख्यमंत्री कार्यालय से गृह विभाग को कभी वापस नहीं भेजे गए। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के दौरान सामान्य प्रक्रिया के तहत इन फाइलों को नई सरकार को सौंपा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"
पुजारी ने यह भी बताया कि गृह सचिव ने इन रिपोर्टों को वापस करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष को कई बार पत्र लिखा था। उनके अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि फाइलें मिलते ही वापस कर दी जाएंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे इंतजार के बाद सरकार को लगा कि इन फाइलों के वापस मिलने की संभावना बेहद कम है। ये दस्तावेज गलती से नहीं, बल्कि जानबूझकर छिपाए गए या गायब किए गए हैं। संभव है कि इन रिपोर्टों से तत्कालीन सरकार पर सवाल खड़े होते।"
मंत्री ने कहा कि कोई अन्य विकल्प न बचने पर गृह विभाग के एक अधिकारी ने कैपिटल थाना में शिकायत दर्ज कराई। गृह विभाग के संयुक्त सचिव शरत चंद्र मरांडी ने दोनों रिपोर्टों के नहीं मिलने पर यह शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कैपिटल थाना पुलिस ने बुधवार को केस नंबर 460/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।