बीजेडी विधायक सुभासिनी जेना ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस-वोटिंग के आरोपों पर गुरुवार को विस्तृत सफाई दी और अपने मतदान निर्णयों को स्पष्ट किया। जेना ने कहा कि उन्होंने पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक के निर्देशों के अनुसार ही मतदान किया। उन्होंने बताया कि उनका पहला वोट पार्टी समर्थित उम्मीदवार संत्रुप्त मिश्रा के पक्ष में था, जो पूरी तरह पार्टी के निर्देशों का पालन करते हुए दिया गया।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उनका दूसरा वोट दिलीप राय के पक्ष में था, जिसे उन्होंने ‘अंतरात्मा की आवाज का वोट’ बताया। अपने फैसले की व्याख्या करते हुए जेना ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के साथ सीधा राजनीतिक मुकाबला रहा है। ऐसे में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का समर्थन करना उनके मतदाताओं को स्वीकार्य नहीं होता।
पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए जेना ने कहा कि उनके निर्णय पार्टी अनुशासन और अपने मतदाताओं की भावनाओं — दोनों को ध्यान में रखकर लिए गए।
उन्होंने कहा कि मैंने हमारे पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक के निर्देशों के अनुसार मतदान किया। मैंने अपना पहला वोट हमारे पार्टी उम्मीदवार संत्रुप्त मिश्रा को दिया। बस्ता निर्वाचन क्षेत्र में मेरा कांग्रेस उम्मीदवार के साथ सीधा मुकाबला रहा है। इसलिए मेरे मतदाता कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को समर्थन देने को स्वीकार नहीं करते। मैंने अपना दूसरा वोट अंतरात्मा की आवाज पर दिया।”
गौरतलब है कि वरिष्ठ नेता दिलीप राय ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उल्लेखनीय जीत दर्ज की है। उनकी जीत को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।