हाथ पर ओड़िया लिपि में बना एक टैटू 35 साल बाद एक महिला को उसके परिवार से मिलाने में अहम सुराग साबित हुआ। इस टैटू की मदद से दशकों से चली आ रही परिवार की तलाश और इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। केंद्रापड़ा जिले के पट्टामुंडई ब्लॉक के अलापुअ पंचायत के नंदलालपटना गांव की रहने वाली प्रमिला मलिक करीब साढ़े तीन दशक पहले लापता हो गई थीं। अब वह आखिरकार अपने परिवार के पास लौट आई हैं।
प्रमिला की करीब 35 साल पहले अलापुअ निवासी दीनबंधु मलिक से शादी हुई थी। हालांकि शादी के महज तीन साल बाद ही वह लापता हो गईं। परिवार ने उन्हें ढूंढने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। समय बीतने के साथ परिवार ने उन्हें दोबारा देखने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।
बाद में प्रमिला का पता हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बहा उपमंडल क्षेत्र के धाराशिला तहसील के अंतर्गत मिला। इस मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब लोगों ने उनके हाथ पर ओड़िया भाषा में बना टैटू देखा। इसी टैटू से उनके ओडिशा से संबंध का पता लगाने में मदद मिली।
ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों के प्रशासनिक सहयोग तथा पट्टामुंडई पुलिस की मदद से प्रमिला के परिवार का पता लगाने और उन्हें घर वापस लाने के प्रयास शुरू किए गए।
35 साल के लंबे बिछड़ाव के बाद प्रमिला के घर लौटने से परिवार में भावुक मिलन हुआ। उनके बेटे और बेटी, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा मां के बिना बिताया था, उन्हें वापस पाकर बेहद खुश हैं।
बच्चों ने कहा कि वे अब अपनी मां की जीवनभर देखभाल और सेवा करेंगे। 35 साल से जिस मिलन का इंतजार था, वह परिवार के लिए एक भावुक और नई शुरुआत बन गया है।