ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को गंजाम जिले के गोलाबंध से विस्थापित 1,371 नोलिया परिवारों के लिए 75.60 करोड़ रुपये के विशेष पुनर्वास एवं पुनर्वास-स्थापन (R&R) पैकेज की शुरुआत की। इसके साथ ही इन परिवारों के दशकों पुराने पुनर्वास के इंतजार का अंत हो गया। गोलाबंध में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस पैकेज की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पहले चरण में चेलिगाड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना से विस्थापित 112 परिवारों में से 96 परिवारों को जमीन और मकान के पट्टे भी वितरित किए।
कार्यक्रम में गोलाबंध की महिलाओं ने मुख्यमंत्री माझी का राखी बांधकर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच पर लाभार्थियों को जमीन के पट्टे सौंपे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के लिए जमीन हस्तांतरित किए जाने के बाद से गोलाबंध के विस्थापित लोगों की समस्या चार दशकों से अधिक समय से लंबित थी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी है और प्रभावित परिवारों को स्थायी पुनर्वास तथा उनके अधिकार सुरक्षित करने के लिए काम कर रही है।
विशेष पैकेज के तहत 1,371 पात्र परिवारों में से प्रत्येक को पांच लाख रुपये की एकमुश्त सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाएगी। इसका उद्देश्य परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। इस मद में कुल 68.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा, 4.25 करोड़ रुपये आवास सहायता के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग 998 अधूरे मकानों को पूरा करने और 10 नए मकानों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
नई कीर्तिपुर कॉलोनी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2.80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी मंजूर की गई है। इसके तहत सड़कें, स्ट्रीट लाइट, आंगनवाड़ी केंद्र, मार्केट कॉम्प्लेक्स, सार्वजनिक शौचालय, चक्रवात आश्रय केंद्र और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए समुद्र तट को समतल करने जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि चेलिगाड़ा परियोजना अगले वर्ष के अंत तक पूरी होने की संभावना है। इस परियोजना से गंजाम और गजपति जिलों में 6,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।