परंपरागत रूप से संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए ओडिशा अब एक भविष्य-तैयार औद्योगिक महाशक्ति बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य नई पीढ़ी और तकनीक-आधारित क्षेत्रों पर रणनीतिक रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है। कोलकाता रोड शो की सफलता के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यही समय है, सही समय है। हम नई तकनीक और उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे निवेशकों का स्वागत करते हैं। आइए, ओडिशा में निवेश करें और भविष्य-तैयार अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनें।
इस्पात, खनन और भारी उद्योगों की मजबूत आधारभूमि के लिए पहचाने जाने वाले ओडिशा ने अब आईटी एवं आईटीईएस, एयरोस्पेस एवं रक्षा, होजियरी, परिधान सहायक एवं तकनीकी वस्त्र, मेटल एंसिलरी, डाउनस्ट्रीम एवं इंजीनियरिंग गुड्स, प्लास्टिक, केमिकल्स, पैकेजिंग एवं रीसाइक्लिंग, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज़ और बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक और उच्च-विकास क्षेत्रों में निरंतर विस्तार किया है। यह राज्य की विकास यात्रा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है।
यह रणनीतिक परिवर्तन दिसंबर 2025 में हैदराबाद और जनवरी 2026 में कोलकाता में आयोजित ओडिशा निवेशक बैठकों के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जहां उभरते क्षेत्रों में राज्य की विशाल संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। ये निवेशक संवाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित किए गए, जिससे भविष्य की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं के अनुरूप राज्य की तत्परता रेखांकित हुई।
इस पहल के तहत हैदराबाद और कोलकाता में छह क्षेत्र-विशेष गोलमेज चर्चाएँ आयोजित की गईं। हैदराबाद में फार्मास्यूटिकल्स तथा एयरोस्पेस एवं रक्षा पर दो गोलमेज बैठकें हुईं। कोलकाता में होजियरी, परिधान सहायक एवं तकनीकी वस्त्र; मेटल एंसिलरी, डाउनस्ट्रीम एवं इंजीनियरिंग गुड्स; प्लास्टिक, केमिकल्स, पैकेजिंग एवं रीसाइक्लिंग; तथा फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज़ एवं बायोटेक्नोलॉजी पर चर्चा की गई।
इन गोलमेज चर्चाओं में कुल 123 कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दोनों शहरों में हुए इस सहयोगात्मक संवाद के माध्यम से ओडिशा ने 1.67 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए, जिनसे 1.46 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा नई तकनीक-आधारित उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक सभी घटक—परिकल्पना और नवाचार से लेकर कार्यान्वयन, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और परिवहन—उपलब्ध कराता है। वैश्विक संपर्क के लिए परादीप, धामरा, गोपालपुर, बहुदा और इंचुड़ी–सुवर्णरेखा में प्रमुख बंदरगाह संचालित हैं। इसके साथ ही, मजबूत सड़क अवसंरचना के सहयोग से राज्यभर में हवाई अड्डों के माध्यम से व्यापक हवाई संपर्क भी उपलब्ध है।
उभरते क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन के महत्व को देखते हुए, ओडिशा सरकार भुवनेश्वर, संबलपुर और बरहामपुर में तीन और विश्वस्तरीय कौशल केंद्र स्थापित करेगी, ताकि क्षेत्रीय संतुलन के साथ कौशल विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित हो सके।
निवेशकों को ओडिशा की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आमंत्रण देते हुए मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से फिर आह्वान किया कि ओडिशा आइए और इस सफलता की कहानी का हिस्सा बनिए। मजबूत नीतिगत समर्थन, विश्वस्तरीय अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन पहल और बढ़ते निवेशक विश्वास के साथ ओडिशा पूर्वी भारत में एक भविष्य-तैयार निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।