हीराकुद जलाशय में सोमवार सुबह तीन और स्लुइस गेट खोले गए। बांध प्राधिकरण के आदेश के बाद खोले गए इन गेटों के साथ अब कुल आठ स्लुइस गेट खुले हैं, जिनमें पांच बाएं स्पिलवे और तीन दाएं स्पिलवे के हैं। यह फैसला जलाशय का जलस्तर 623.02 फीट पहुंचने और लगातार बढ़ने के बाद लिया गया।
सुबह नौ बजे के अपडेट के अनुसार, पहले से पांच स्लुइस गेट खुले थे, जिनमें तीन बाएं और दो दाएं स्पिलवे के थे। जलाशय में औसत जलप्रवाह 1,53,405 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ती प्रवृत्ति में था। वहीं, औसत जलनिकासी 1,14,741 क्यूसेक रही।
कुल जलनिकासी में स्पिलवे के जरिए 79,495 क्यूसेक, पावर चैनल के माध्यम से 32,005 क्यूसेक, औद्योगिक उपयोग के लिए 229 क्यूसेक और नहरों के जरिए 3,012 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। नहरों से छोड़े गए पानी में बीएमसी से 2,661 क्यूसेक, एसएमसी से 300 क्यूसेक और एसबीपी डिस्ट्रीब्यूटरी से 51 क्यूसेक शामिल था।
अतिरिक्त गेट खोले जाने के बाद वर्तमान जलनिकासी बढ़कर 1,62,580 क्यूसेक हो गई है। वहीं, स्पिलवे के जरिए पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़कर 1,27,224 क्यूसेक हो गई है।
डाउनस्ट्रीम में विभिन्न स्थानों पर जलप्रवाह की स्थिति अलग-अलग रही। बेलगांव में 49,800 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो बढ़ रहा है। पथरला में 26,750 क्यूसेक प्रवाह बढ़ती प्रवृत्ति में रहा। खैरमाल में 1,54,000 क्यूसेक प्रवाह स्थिर रहा, जबकि बरमूल में 1,61,750 क्यूसेक प्रवाह घट रहा था। मुंडली में 2,36,192 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो गिरती प्रवृत्ति में था।
ऊपरी क्षेत्र में औसत वर्षा 32.41 मिमी, जबकि निचले क्षेत्र में औसत वर्षा 19.33 मिमी दर्ज की गई।
ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में हाल में हुई भारी बारिश को देखते हुए बांध प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।