चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से हो रही भारी बारिश और संभावित नुकसान से निपटने की तैयारियों, आपातकालीन कार्रवाई तथा आपदा के बाद बहाली एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बुधवार को विशेष राहत आयुक्त के कार्यालय में की। विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने मुख्य सचिव को चक्रवात के मद्देनजर भारी बारिश और अन्य संभावित प्रभावों से निपटने के लिए किए जा रहे एहतियाती उपायों की जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने ‘जीरो कैजुअल्टी’ यानी जनहानि शून्य रखने के लक्ष्य को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी स्वयं स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
तैयारी के तहत प्रभावित आठ जिलों से कुल 31,255 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 324 सक्रिय राहत केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में कुल 2,067 राहत केंद्र तैयार रखे गए हैं। इनमें 141 स्थायी और 1,926 अस्थायी केंद्र शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में चिह्नित 4,139 गर्भवती महिलाओं में से 2,245 को एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
समुद्र से 11,955 और चिलिका झील से 7,188 सहित कुल 19,143 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया गया है।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की 62 टीमें, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9 टीमें और अग्निशमन सेवा की 244 टीमें तैनात की गई हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 1,510 पावर चेन-सॉ, 225 टोइंग टेंडर, 110 नावें, पानी निकालने वाले 135 पंप और 225 टावर लाइट सहित आवश्यक उपकरण जुटाए गए हैं।
राज्य सरकार ने आठ प्रभावित जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये की राहत सहायता मंजूर की है। इसमें गंजाम जिले को 5 करोड़ रुपये तथा गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कलाहांडी और कंधमाल जिलों को 2-2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने चूड़ा, गुड़, चावल, बिस्कुट, पॉलिथीन शीट और सर्पदंशरोधी दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया है।
चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम भी जारी है। टाटा पावर सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPSODL) के कार्यक्षेत्र में प्रभावित 20,19,124 उपभोक्ताओं में से 13,20,705 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। यह कुल प्रभावित उपभोक्ताओं का 65.41 प्रतिशत है।
समीक्षा बैठक में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करने और प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।