संभावित चक्रवात के खतरे को देखते हुए भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जलभराव, पेड़ों के गिरने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा त्वरित कार्रवाई दलों (RATs) को तैयार रखने की योजना बनाई गई है। बीएमसी मेयर सुलोचना दास ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि संभावित खराब मौसम के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बीएमसी आयुक्त की पहले ही एक बैठक हो चुकी है। सोमवार को हमने पार्षदों के साथ भी एक बैठक की। पार्षद जमीनी स्तर पर काम करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
मेयर ने कहा कि यदि चक्रवात पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की ओर भी बढ़ता है, तब भी ओडिशा में भारी बारिश हो सकती है। इसलिए नगर निगम संवेदनशील इलाकों में जलभराव से निपटने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा है।
दास ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शून्य जनहानि सुनिश्चित करना है और हम भी इस लक्ष्य को हासिल करने का पूरा प्रयास करेंगे।
उन्होंने बताया कि जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में पंपसेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सड़कों पर गिरने वाले पेड़ों को जल्द हटाने के लिए बीएमसी विभिन्न संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रही है।
नगर निगम ने बड़े होर्डिंग्स, हाई-मास्ट लाइटों और मां गजलक्ष्मी पूजा के आयोजन के लिए लगाए गए अस्थायी ढांचों से संभावित खतरे को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की है।
अधिकारियों को पूजा के लिए लगाए गए गेट और तोरण अस्थायी रूप से हटाने तथा आवश्यकता पड़ने पर हाई-मास्ट लाइटों को नीचे करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। बीएमसी का ड्रेनेज विभाग और त्वरित कार्रवाई दल आपात स्थितियों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे।
भारी बारिश या चक्रवात के शहर को प्रभावित करने की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।