ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने राज्य में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। इस पुनरीक्षण के लिए एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि (Qualifying Date) निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं विशेष सचिव सुशांत कुमार मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये नियुक्तियां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग की शक्तियों के अनुरूप की गई हैं।
नियुक्त अधिकारियों में राजेश प्रभाकर पाटिल, अरविंद अग्रवाल, बलवंत सिंह, बी परमेश्वरन, विजय केतन उपाध्याय, डी. प्रशांत कुमार रेड्डी, सुधांशु मोहन सामल, रश्मिता पंडा, मोहम्मद सादिक आलम और संग्राम केशरी महापात्र शामिल हैं।
आदेश के मुताबिक, सभी ऑब्जर्वर मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान तीन चरणों में फील्ड विजिट करेंगे। पहले चरण में दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया, दूसरे चरण में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा उनके निस्तारण और तीसरे चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा सत्यापन, पूरक सूची की छपाई तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की निगरानी करेंगे।
सीईओ कार्यालय ने निर्देश दिया है कि ऑब्जर्वर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण करें। साथ ही सांसदों, विधायकों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनें तथा आम नागरिकों से भी मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें प्राप्त करें।
इसके अलावा, जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की संख्या जिला औसत से एक प्रतिशत अधिक या किसी क्षेत्र में तीन प्रतिशत से अधिक होगी, वहां की रिपोर्ट की व्यक्तिगत रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी ऑब्जर्वर प्रत्येक दौरे के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपेंगे।
इस बीच, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वरों की 4 जुलाई को शाम 4 बजे भुवनेश्वर स्थित सीईओ कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक बुलाई है, जिसमें उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और कार्यों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को अपना दौरा कार्यक्रम भी सीईओ कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।