नवरंगपुर के पूर्व विधायक सदाशिव प्रधानि विवादों में घिर गए हैं, क्योंकि भतरा समुदाय ने उनकी बेटी की प्रस्तावित अंतर-जातीय शादी को लेकर उनके व परिवार के खिलाफ 12 वर्षों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला किया है। यह जानकारी स्थानीय सूत्रों से मिली है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानि की बेटी की सगाई 25 फरवरी को हुई थी और उसकी शादी अप्रैल में दूसरी जाति के एक युवक से होने वाली है। बताया जा रहा है कि यह विवाह भतरा समुदाय की पारंपरिक मान्यताओं का उल्लंघन माना जा रहा है।
यह निर्णय झरिगांव ब्लॉक के धमनागुड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर में आयोजित जिला स्तरीय भतरा समुदाय की बैठक में लिया गया, जिसमें 10 ब्लॉकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
समुदाय ने सर्वसम्मति से प्रधानि के परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया। इसके तहत सभी सामाजिक संबंध समाप्त करने और परिवार के सदस्यों को किसी भी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी प्रकार की कार्रवाई चंदाहांडी ब्लॉक के अंकाबेड़ा गांव के खिरासिंधु मरकाम और उनके परिवार के खिलाफ भी की गई, क्योंकि उन्होंने भी समुदाय से बाहर विवाह किया था।
सदाशिव प्रधानि वर्ष 2019 से 2024 तक नवरंगपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजू जनता दल (बीजेडी) के विधायक रहे हैं।
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी कौशल्या प्रधानि ने बीजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वे भाजपा उम्मीदवार गौरीशंकर माझी से हार गईं।
इस बैठक में भतरा समुदाय के कई नेता, जिनमें जगदीश नायक, जगन्नाथ माझी और रामाधार माझी सहित अन्य लोग उपस्थित थे, जहां यह निर्णय लिया गया।