ओडिशा हाईकोर्ट ने दिवंगत सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) सौम्य रंजन महापात्र की पत्नी विद्या भारती पंडा को उनके पति की मौत के मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया है।
अदालत ने जांच एजेंसी को मामले की केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अगली सुनवाई अदालत की छुट्टियों के बाद पहले सप्ताह में निर्धारित की है।
विद्या भारती ने मामले में उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के बाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी उस याचिका को खारिज किए जाने के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने या गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इनकार किया गया था।
यह मामला 11 जुलाई 2021 का है। उस दिन गजपति जिले के पारलाखेमुंडी में सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) के पद पर तैनात सौम्य रंजन महापात्र रहस्यमय परिस्थितियों में अपने सरकारी आवास पर करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे।
इसके बाद उन्हें इलाज के लिए कटक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
14 जुलाई 2021 को उनके परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उनकी पत्नी विद्या भारती, तत्कालीन गजपति मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) संग्राम बेहरा और रसोइया मन्मथ कुंभा को आरोपी बनाया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने अगस्त 2021 में इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।