ओडिशा पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए हैदराबाद से एक महिला और छह नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया है। इस मामले में दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ईश्वर कुसुलिया और चंद्रा उर्फ सरिता जैन उर्फ सरिता लुनावत के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गजपति जिले के अदावा थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की जांच के दौरान की गई। महिला के एक रिश्तेदार ने 21 जून को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पता चला कि 24 जून को महिला ने अपने परिजनों से संपर्क कर बताया कि रायगड़ा निवासी ईश्वर कुसुलिया ने उसे और एक अन्य महिला को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था।
पीड़िता के अनुसार, कुसुलिया पहले उसे मुनिगुड़ा थाना क्षेत्र के गुमुकुडी गांव स्थित अपने घर ले गया और बाद में रोजगार दिलाने के बहाने हैदराबाद भेज दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि नौकरी दिलाने के बजाय कुसुलिया ने दोनों महिलाओं को 70 हजार रुपये में चंद्रा उर्फ सरिता जैन उर्फ सरिता लुनावत को बेच दिया।
पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया, उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। इतना ही नहीं, उन्हें अनैतिक गतिविधियों में जबरन धकेला गया।
पूछताछ के दौरान पीड़िताओं ने यह भी खुलासा किया कि रोजगार का झांसा देकर अलग-अलग स्थानों से कई अन्य लड़कियों को भी लाया गया था और उनके साथ भी इसी तरह का शोषण किया गया। इससे एक संगठित अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के सक्रिय होने का पता चला।
विशेष सूचना के आधार पर गजपति पुलिस की एक टीम ने हैदराबाद पुलिस की मदद से आरोपी महिला के ठिकाने पर छापेमारी की। इस दौरान एक महिला और छह नाबालिग लड़कियों समेत कुल सात पीड़ितों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
पुलिस ने सभी पीड़ितों को सुरक्षित ओडिशा वापस लाकर उनके परिजनों से मिलवा दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।