आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में राज्य की एंबुलेंस विस्तार योजना के दूसरे चरण के तहत 250 नई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राज्य सरकार ने समय पर चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कुल 428 नई एंबुलेंस की व्यवस्था की है। पहले चरण में 23 दिसंबर 2025 को 150 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई गई थी। लगभग 111 करोड़ रुपये की लागत से राज्य कोष से संचालित यह पूरी पहल अस्पताल पहुंचने में लगने वाले समय को कम कर मृत्यु दर घटाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
वर्तमान में ओडिशा में 866 आपातकालीन एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। इसके अलावा ‘जननी एक्सप्रेस’ योजना के तहत 500 विशेष एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जो राज्य के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक कुशल व मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी प्रखंडों से जिला मुख्यालय अस्पतालों और कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तक 24×7 सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी है। राज्य की उड़ान योजना के तहत राउरकेला और जैपुर जैसे हवाई पट्टियों तक भी एंबुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
वर्तमान में राज्य के विभिन्न हवाई अड्डों पर पांच एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस तैनात हैं, जबकि झारसुगुड़ा स्थित कैंसर अस्पताल में दो अतिरिक्त ALS एंबुलेंस की तैनाती की गई है। औसतन प्रतिदिन 5,000 से अधिक मरीजों को इन सेवाओं के माध्यम से सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिग, एकाम्र भुवनेश्वर विधायक बाबू सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त-सह-सचिव आस्वथी एस., तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. बृंदा डी. उपस्थित रहीं।