जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संबलपुर ने मंगलवार को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को आदेश दिया कि वह एक ग्राहक को कुल 91,000 रुपये का भुगतान करे, क्योंकि लैपटॉप के बजाय उसे संगमरमर का पत्थर डिलीवर किया गया था।
जुजोमुरा प्रखंड के झंकारपाली गांव निवासी डॉ. चौबर्गा नायक ने कंपनी से 61,000 रुपये मूल्य का एक लैपटॉप ऑर्डर किया था। पैकेज ‘ओपन बॉक्स’ डिलीवरी के रूप में मिला। अनबॉक्सिंग के दौरान वीडियो रिकॉर्ड करते समय डॉ. नायक ने पाया कि बॉक्स में लैपटॉप की जगह एक संगमरमर का पत्थर रखा हुआ था।
घटना के बाद डॉ. नायक ने संबंधित इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में शिकायत दर्ज कराई और कई बार फॉलो-अप किया, लेकिन कंपनी ने न तो पैसे वापस किए और न ही कोई सुधारात्मक कदम उठाया। इससे परेशान होकर उन्होंने संबलपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का रुख किया।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने डॉ. नायक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कंपनी को लैपटॉप की कीमत के रूप में 61,000 रुपये की वापसी, मानसिक उत्पीड़न के लिए 25,000 रुपये मुआवजा तथा मुकदमे के खर्च के तौर पर 5,000 रुपये अदा करने का निर्देश दिया।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि कंपनी 30 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं करती है, तो कुल राशि पर 9 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा।
मीडिया से बातचीत में डॉ. नायक ने कहा कि मुझे राहत और खुशी महसूस हो रही है कि मुझे न्याय मिला। यह फैसला कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेह रहें।